Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi

पूजा के लिए तांबे के बर्तन का ही क्यों करते है इस्तेमाल

0

क्या आप जानते हैं की पूजा करने के लिए तांबे के बर्तन या तांबे के लोटे का ही क्यों इस्तेमाल किया जाता हैं? हिन्दू धर्म में कई सारी मान्यताएं और परम्पराए हैं, जिसमे कई सारे रीती-रिवाज जुड़े हुए हैं। हमारे यहाँ कोई भी शुभ काम किसी खास मुहूर्त के दौरान ही किया जाता है।

अक्सर आप लोगो ने अपने पूजा घर में देखा होगा या फिर किसी को पूजा करते हुए देखा होगा की पूजा में इस्तेमाल किया जाने वाला जल तांबे के लोटे में ही रखा हुआ हैं। आखिर ऐसी क्या वजह हैं की अन्य धातु से बने कलश का इस्तेमाल पूजा में नहीं किया जाता हैं, बल्कि तांबे के धातु से बने हुए पात्र ही पूजा में प्रयोग किये जाते हैं?

Loading...

साइंटिस्ट भी इस बात को स्वीकार करते हैं की पूजा करने के लिए तांबे के बर्तन श्रेष्ठ होते हैं। पूजा करते समय ताम्बे के पात्रों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। तांबे के बर्तनों के बारे में यह कहा जाता हैं की यह सबसे ज्यादा शुद्ध होते हैं। तांबे के बर्तनों को किसी दूसरी धातु के साथ मिश्रित करके नहीं बनाया गया होता हैं। आयुर्वेद के अनुसार तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी शुद्ध बन जाता हैं। पानी के अंदर के कीटाणु मर जाते हैं। इसलिए तांबे के लोटे में रखे गये जल का इस्तेमाल पूजा करने के लिए किया जाता हैं।

जब भी किसी देवी-देवता की पूजा की जाती हैं तो तांबे के लोटे में तुलसी के पत्तों को डाला जाता हैं। ऐसी मान्यता हैं की बिना तुलसी के पत्तों को डाले भगवान भोग को ग्रहण नहीं करते हैं। साथ ही तांबे के बर्तन में तुलसी के पत्ते वाला पानी सेहत के लिए काफी ज्यादा लाभकारी होता हैं। इसका सेवन करने से फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं से मुक्ति मिलती हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.